अब बुनकरों पर योगी सरकार का फोकस, शुरू होगी झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब अनुसूचित जाति/जनजाति के बुनकरों को एक नई योजना के जरिये ज्यादा सहूलियतें देने जा रही है। ऐसे बुनकरों पर केंद्रित योजना को झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना नाम दिया गया है। नई योजना से सरकार जहां एससी/एसटी के हथकरघा बुनकरों की सुध लेगी, वहीं बिरादरी के पावरलूम बुनकरों को ऑटोमैटिक पावरलूम मुहैया कराने में मदद करेगी। बुनकरों के लिए वर्तमान में संचालित पावरलूम उद्योग का विकास (एससीपी) योजना में हथकरघा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। एससी/एसटी बुनकरों में हथकरघा की संख्या ज्यादा है।

मौजूदा योजना में पावरलूम बुनकरों को सेमी-ऑटोमैटिक लूम के लिए ही अनुदान दिया जाता है। इसलिए सरकार ने इस नई योजना का खाका तैयार किया है जिसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। योजना के तहत बुनकरों और उनके संगठनों को उन्नत किस्म के हथकरघा (पिटलूम/फ्रेमलूम) और ऑटोमैटिक (शटललेस/रैपियर लूम) पावरलूम खरीदने के लिए राज्य सरकार 80 फीसद राशि अनुदान देगी। हथकरघा बुनकरों को पिटलूम के लिए 25 हजार रुपये के अनुमानित मूल्य के हिसाब से 20 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। वहीं फ्रेम लूम का बाजार मूल्य 40 हजार रुपये मानते हुए 32 हजार रुपये की राशि अनुदान के तौर पर दी जाएगी।

हथकरघा बुनकरों की समिति/स्वयं सहायता समूह या व्यक्तिगत बुनकरों को अधिकतम चार पिटलूम या फ्रेमलूम खरीदने के लिए अनुदान दिया जाएगा। वहीं पावरलूम बुनकरों व उनके संगठनों के लिए शटललेस/रैपियर लूम का अनुमानित बाजार मूल्य पांच लाख रुपये मानते हुए चार लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी पावरलूम बुनकर समिति/स्वयं सहायता समूह अपने निजी स्रोतों से वहन करेगी। समिति को अधिकतम दो ऑटोमैटिक पावरलूम खरीदने के लिए अनुदान मिलेगा। वहीं व्यक्तिगत बुनकर को एक ऑटोमैटिक पावरलूम के लिए अनुदान दिया जाएगा।

ट्रेनिंग के लिए भी मिलेगी मदद

पावरलूम बुनकरों व उनके संगठनों को आधुनिक पावरलूम के संचालन, आधुनिक डिजाइन, रंग संयोजन तकनीकी आदि का प्रशिक्षण किसी सरकारी या मान्यताप्राप्त संस्था जैसे पावरलूम सर्विस सेंटर या निट्रा के जरिए कराया जाएगा। पावरलूम बुनकर समिति को चार बुनकरों की ट्रेनिंग के लिए प्रति प्रशिक्षणार्थी पांच हजार रुपये की दर से 20 हजार रुपये मुहैया कराने का प्रस्ताव है। व्यक्तिगत बुनकर को भी प्रशिक्षण के लिए पांच हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

कार्यशाला के लिए भी वित्तीय मदद

योजना के तहत 400 वर्ग फीट क्षेत्रफल पर चार हथकरघों की स्थापना की खातिर कार्यशाला निर्माण के लिए बुनकर समिति को दो लाख रुपये तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं दो पावरलूम की स्थापना के 500 वर्ग फीट पर कार्यशाला बनाने के लिए बुनकर समिति को 2.5 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। व्यक्तिगत बुनकर को 250 वर्ग फीट पर कार्यशाला निर्माण के लिए 1.25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। भूमि की व्यवस्था बुनकर समिति करेगी और कार्यशाला निर्माण पर अतिरिक्त खर्च उसे वहन करना होगा।

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