मेरे विश्‍वविद्यालय में टेंशन फ्री रहते हैं छात्र: रामभद्राचार्य

लखनऊ। डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुर्नवास विवि के दीक्षा समारोह में चित्रकूट के जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक व कुलपति पद्मविभूषण रामभद्राचार्य मुख्‍य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्‍होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं बुजुर्गों के लिए ओम शांति शांति को मानने वाला नहीं हूं। अब तो ओम क्रांति क्रांति क्रांति होगी। मेरे विश्वविद्यालय के कोई छात्र टेंशन मेेंं नहीं है।  मैं दुनिया की हर भाषा को जानता हूं, सिर्फ उर्दू नहीं जानता। सिर्फ पढ़ाना ही शिक्षक का काम नहीं है, क्योंकि यह काम तो अशिक्षित और सुवर भी कर सकता है। अगले वर्ष में अपने चित्रकूट विश्वविद्यालय को मेडिकल विश्वविद्यालय बनाऊंगा। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने की। कार्यक्रम में छात्राओं को 112 मेडल दिए गए।

राम का अर्थ है मंगल 

रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने बंद आंखों से अब तक 210 किताबें लिखी हैं। लोगों को निश्‍शुल्क भोजन कराया। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन के गुजरात से जुड़े एक मामले को गुजराती में सुनाया। कुछ मूर्ख और अज्ञानी नहीं जानते कि राम क्या हैं। राम कोई साम्प्रदायिक मुद्दा नहीं हैं। हमें समझना होगा कि राम क्या हैं, राम का अर्थ है राष्ट्र, राम का अर्थ है मंगल। राम से ही राष्ट्र का मंगल है। उन्‍होंने कहा कि देश में भ्रष्‍टाचार का बोलबाला है। मोदी और योगी के आने से लोगों की कमाई बंद हो गई है। बच्चों राष्ट्र के यज्ञ में समर्पित हों। भगवान राम और भारत मां यदि दोनों मेरे सामने खड़े हों तो पहले भारत मां को प्रणाम करूंगा। अब राष्ट्र देवो भव का पाठ करिए। भगवान की पूजा अपने कर्मों से करिए, उन्हें गुलाब नहीं चाहिए, न ही उन्हें लखनऊ की रेवड़ी चाहिए। 

112 मेडल बांटे गए 

मेहविश सिद्दीकी को वाइस चांसलर गोल्ड मेडल और मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल मिला। वहीं विधि पांडेय को चांसलर गोल्ड, वीसी गोल्‍ड और सीएम गोल्‍ड मेडल मिला। इस बार समारोह में मेधा‍वी छात्र छात्राओं को 112 मेडल दिए गए। दीक्षा समारोह में कुलपति प्रो.राणा कृष्ण पाल सिंह, प्राक्टर प्रो. वीकेसिंह समेत सभी अधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे। 


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